Development

Development News

जिस शहर ने सब कुछ दिया उसे हमने क्या दिया: महापौर

VNS Mahapoar

महापौर प्रमोद दुबे ने शनिवार 21 जनवरी को सेंट्रल लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं से रुबरु होकर रायपुर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए निगम की मदद करने आगे आने को अपील की। महापौर ने कहा कि जिस शहर ने हमें सब कुछ दिया उस शहर को हमने क्या दिया ये सोचने का विषय है। छात्र-छात्राओं ने संपूर्ण स्वच्छता अभियान में अपना योगदान भरपूर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को आगे की प्रतियोगी परीक्षा पास करने में बड़ी आसानी होगी। उनके परिजन के लाखों रुपये बचाने का कार्य यहां से होता है।

मुख्यमंत्री ने किसानों को दी नए शक्कर कारखाने की सौगात

तीन जिलों के 35 हजार किसानों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा-विकास के कार्यों को बहुत ज्यादा गिनाने की जरूरत नहीं होती। कार्य स्वयं बोलता है, एक सड़क बनती है, तो वह जनता को अपने आप दिख जाती है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास के कार्य स्वयं बोल रहे हैं। यह नया शक्कर कारखाना भी इसका एक अच्छा उदाहरण है।

सभी शहरों में दो साल के भीतर शुरू करें ई-रिक्शा परियोजना : डॉ. रमन सिंह

स्वास्थ्य बीमा कार्डों का अत्याधिक उपयोग होने पर भौतिक सत्यापन जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा को प्रोत्साहन देने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कान्फ्रेंस में जिला कलेक्टरों से कहा कि अगले दो साल के भीतर सभी शहरों में ई-रिक्शा परियोजना शुरू कर दी जाए। डॉ. सिंह ने कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के दौरान शाम के सत्र में स्वास्थ्य विभाग के काम-काज की भी समीक्षा की।

ग्राम उस्लापुर को कैशलेस बनाने सरपंच ने लिया संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रमन के गोठ के माध्यम से प्रदेश के दूरदराज आदिवासी बाहुल्य ग्रामों, छोटे-छोटे व्यापारियों, पान, सेलून, अंडे के ठेले लगाने वाले छोटे-छोटे व्यवसायियों द्वारा कैशलेस भुगतान प्रारंभ करने की जानकारी दी। जिससे प्रेरणा लेकर ग्राम उस्लापुर के सरपंच ने अपने गांव को भी कैशलेस बनाने संकल्प लिया है।

जोन 1 व 8 में बिखरेगी स्ट्रीट लाइटों की रौशनी

विगत 7 जनवरी को रात्रि निगम रायपुर के विद्युत विभाग के अधिकारियों की टीम ने स्ट्रीट लाइटों की सुधार करवाया।कार्यपालन अभियंता विद्युत लोकेश चंद्रवंशी के नेतृत्व व उपअभियंता संदीप शर्मा की उपस्थिति में नगर निगम जोन 1 व 8 के रामनगर, लक्ष्मण नगर, गोपाल नगर, गुढिय़ारी पड़ाव का सघन भ्रमण करते हुए मुख्य मार्गों में स्ट्रीट लाइट प्रबंधन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। आवश्यकतानुसार स्ट्रीट लाइट को बदलकर उसका सुधार करने का कार्य करवाया। तत्काल नागरिकों को समुचित प्रकाश व्यवस्था जोन 1 व 8 क्षेत्र के 3 वार्डों के मुख्य मार्गों व गलियों में उपलब्ध करवाई गई।

दपूमरे में 218.18 किलोवाट सोलार प्लांट की स्थापना

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अब तक 218.18 किलोवाट क्षमता की सोलर प्लांट की स्थापना की गई है। बिलासपुर मंडल के भनवारटंक स्टेशन में 25 किलोवाट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पुराना महाप्रबंधक कार्यालय एवं कंट्रोल कार्यालय, बिलासपुर में 50-50 किलोवाट क्षमता के दो सोलर पावर प्लांट, रायपुर स्टेशन में 40 किलोवाट क्षमता के पावर प्लांट शामिल है। इसके साथ ही साथ प्राकृतिक ऊर्जा के संसाधनों के भरपूर उपयोग के लिए रेलवे हास्पिटल, रनिंग रुम, ट्रेनिंग स्कूल एवं अनेकों लेवल क्रॉसिंगों में सौर उर्जा पैनल लगाए गए हैं।

पर्यावरण को अनुकूल रखने बॉयो-टॉयलेट का विकास

स्वच्छता अभियान के मद्देनजर रेलवे, रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन ने एक साथ मिलकर बॉयो-टॉयलेट का विकास किया है। यह बॉयो-टॉयलेट पर्यावरण के अनूकुल है इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानि रहित पानी और गैस में तब्दील होकर वातावरण में मिल जाता है। इसमें सीधे टैंक से डिस्चार्ज नहीं होता है। इससे गंदगी वार्तावरण का निर्माण होता है। जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाए रखने में आसानी होती है।

पर्यावरण को अनुकूल रखने बॉयो-टॉयलेट का विकास

स्वच्छता अभियान के मद्देनजर रेलवे, रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन ने एक साथ मिलकर बॉयो-टॉयलेट का विकास किया है। यह बॉयो-टॉयलेट पर्यावरण के अनूकुल है इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानि रहित पानी और गैस में तब्दील होकर वातावरण में मिल जाता है। इसमें सीधे टैंक से डिस्चार्ज नहीं होता है। इससे गंदगी वार्तावरण का निर्माण होता है। जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाए रखने में आसानी होती है।

स्वच्छता के लिये ट्रेन की बोगी में बायो-टॉयलेट की सुविधा

Bio-toilets for sanitation facilities in the train compartment

स्वच्छ भारत अभियान के तहत रेलवे ने स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म, गाडिय़ों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक भी साफ सुथरा रखा जा रहा है। गाडिय़ों के खुले शौचालय के कारण ट्रैक अक्सर गंदा ही रहता है। ऐसी परेशानी से निजात पाने के लिए भारतीय रेलवे एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने एक साथ मिलकर बॉयो-टायलेट का विकास किया है। यह बॉयो-टायलेट पर्यावरण के अनुकुल है इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानि रहित पानी और गैस में तब्दील होकर वार्तावरण में मिल जाता है। इसमें सीधे टैंक से डिस्चार्ज नहीं होता है। जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाये रखने में आसानी होती है।

Related News