Agriculture

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धान फसल क्षति के मुआवजे का हो रहा आंकलन

 धान फसल क्षति के मुआवजे का हो रहा आंकलन

नगरनार क्षेत्र में पिछले दिनों एकाएक पानी खेतों में भरने से लगभग 45 हेक्टेयर धान की फसल को क्षति पहुंची है। इससे लगभग 100 किसान प्रभावित हुए हैं। इन सभी को मुआवजा दिये जाने की घोषणा एनएमडीसी की ओर किए जाने के बाद नायब तहसीलदार मलय विश्वास के साथ राजस्व अमला किसानों को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया में जुटा है।

शुरूआती दस दिनों में 90 हजार 732 क्विंटल धान की हुई खरीदी

शुरूआती दस दिनों में 90 हजार 732 क्विंटल धान की हुई खरीदी

15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के बाद से अभी तक आधे खरीदी केन्द्रों में धान की आवक शुरू नहीं हो पाई है। अब तक 116 केन्द्रों से 90 हजार 732 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। ज्यादातर किसान खेत गीली होने से कटाई नहीं करा पाए है। इस वजह से पकी फसल का इंतजार हो रहा है, वहीं जल्दी पकने वाले धान धीरे-धीरे सोसाइटियोंं तक पहुंचने लगा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरु होने के दस दिनों बाद भी 90 केन्द्रों में छाई वीरानी छंट नहीं पाई है। यहां अभी तक खरीदी की बोहनी नहीं हुई है।

भयंकर सूखे की चपेट में छत्तीसगढ़, केन्द्रीय दल की रिपोर्ट में खुलासा

भयंकर सूखे की चपेट में छत्तीसगढ़, केन्द्रीय दल की रिपोर्ट में खुलासा

छत्तीसगढ़ भयंकर सूखे की चपेट में है. राज्य सरकार की रिपोर्ट से ज्यादा गंभीर परिणाम केन्द्रीय जांच दल की रिपोर्ट में सामने आई है. केन्द्र से आई अधिकारियों की टीम ने 6 जिलों का दौरा कर जो रिपोर्ट बनाई है उसमें 85 प्रतिशत सूखा होने की बात कही है. मुख्य सचिव विवेक ढांढ के साथ केन्द्रीय जांच दल ने बैठक की. बैठक में केन्द्रीय जांच टीम के अधिकारियों ने कहा जिन जिलों में वे अध्ययन करने पहुँचे वहां स्थिति राज्य सरकार की रिपोर्ट कहीं ज्यादा गंभीर है.

धान खरीदी निगरानी समितियों का हुआ गठन

छग किसान कांग्रेस के जिला इकाई की ओर से धान खरीदी बारदाने की गुणवत्ता और बारदानों के वजन सहित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केन्द्रों में सतत निगरानी रखने के लिए जिला और केन्द्रावार समिति का गठन किया गया है। यह समितियां धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को फसल का उचित मूल्यांकन और उचित मूल्य प्राप्त करने में सहयोग करेगी।

अब 5 बार धान बेंच सकेंगे किसान, रमन कैबिनेट का अहम् फैसला

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक गुरूवार को हुई। कैबिनेट की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) नया रायपुर में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कैबिनेट के बैठक में कई अहम फैसले लिए है। इस फैसले में स्टील प्लांट की बिजली भार की अवधि बढ़ाई गई। धान खरीदी पर किसान अब पांच बार धान बेच सकेंगे। साथ ही एक बार में 5 क्वालिटी का धान बेच सकेंगे किसान। इसके अलावा शिक्षाकर्मियों और सूखे राहत पर हुई चर्चा हुई।

का गया-गरुआ ला खिलाई अउ का लोग लइकामन ला

 का गया-गरुआ ला खिलाई अउ का लोग लइकामन ला

खेत मा हंसिया नई चले ह साहब.... हमन तो अपन जीवन म अइसेनहा अकाल नई देखे रेहेंन , 1964 के बाद पहिली बार ऐसन अकाल पड़िस हे । समझ में नई आथे कि का गाय-गरुआ ला खिलाई अउ का लोग लइकामन ला? गुरुवार को ये बातें किसानों ने दिल्ली से सूखा प्रभावित क्षेत्रों दौरा करने आई टीम से यहां के किसानों ने कही। किसानों की बातें सुनकर दिल्ली से आई अधिकारियों की टीम भी हैरत में पड़ गई।

धान बोरों का वजन कम मिला, हटाए गए केन्द्र प्रभारी, समिति प्रबंधक

विकासखण्ड डभरा के ग्राम पंचायत बघौद, कोटमी और अमलडीहा के धान उपार्जन केन्द्रों का कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन ने औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के धान का वजन कम मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बघौद के धान खरीदी केन्द्र प्रभारी अजय पटेल और सहकारी समिति प्रबंधक राजेन्द्र साहू को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। कलेक्टर डॉ. एस.

खरीदी केन्द्र सप्ताह भर से बंद, विधायक बैठे धरने पर

 खरीदी केन्द्र सप्ताह भर से बंद, विधायक बैठे धरने पर

जैजैपुर क्षेत्र के खरीदी केन्द्र तुषार व नंदेली में पिछले सप्ताह भर से धान खरीदी शुरू नहीं होने से नाराज किसानों के साथ विधायक केशव चंद्रा ने बुधवार को जिला सहकारी बैंक शाखा जैजैपुर का घेराव कर दिया। किसानों ने बताया कि उक्त केन्द्रों में नियुक्त खरीदी प्रभारी को उपपंजीयक की ओर से विधि संगत न मानते हुए अमान्य कर दिया था, जिसके चलते प्रभारी की अनुपस्थिति में मामला सप्ताह भर तक लटका रहा। घेराव करने पहुंचे किसानों के साथ विधायक की उपस्थिति में आखिरकार नए खरीदी प्रभारी की नियुक्ति की गई।

केंद्रीय सर्वे टीम को किसानों ने बताई अपनी पीड़ा

 केंद्रीय सर्वे टीम को किसानों ने बताई अपनी पीड़ा

सूखा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने केंद्र सरकार से आई टीम जहां भी पहुंची, वहां के किसानों ने सूखे को लेकर अपनी तकलीफ बयान की। 1964 के बाद ऐसा सूखा पहली बार पड़ा है। फसल पूरी तरह सूख गई है, हमें यह चिंता है कि मवेशियों को क्या खिलाएं। किसानों ने बताया कि गांव में पेयजल स्तर भी तेजी से घट रहा है और आशंका है कि फरवरी माह के बाद से पानी की समस्या विकराल रूप ले लेगी। किसानों ने बताया कि वर्षा कम होने और अनियमित होने की वजह से उम्मीद जितनी भी फसल नहीं आ पाई और खेत सूखे रह गए। टीम ने छुरिया, डोंगरगांव, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ तथा खैरागढ़ ब्लाक के गांवों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में फसल की स्थिति

केन्द्रीय सूखा अध्ययन दल ने जाना सूखे का हाल

केन्द्रीय सूखा अध्ययन दल ने जाना सूखे का हाल

अल्पवर्षा और सूखे की स्थिति में प्रभावित खेती-किसानी के कार्य और उत्पन्न संकट की स्थिति की जानकारी लेने केन्द्रीय दल, कृषि, पीएचई एवं एफसीआई के अधिकारियों ने दुर्ग जिले का भ्रमण किया। केन्द्रीय सूखा अध्ययन दल ने यहां पहुंचकर सूखे की स्थिति में प्रभावित फसलों के नुकसान और संकट का आंकलन किया। केन्द्रीय सूखा अध्ययन दल ने दुर्ग और धमधा विकासखण्ड के ग्रामों का दौरा कर खेत का मुआयना कर फसल क्षति का आंकलन किया।

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