शिविर में कलेक्टर ने लिया मैदानी कर्मचारियों का रिपोर्ट कार्ड

Khorkhosa Sivir

बस्तर विकासखण्ड के खोरखोसा ग्राम पंचायत में शुक्रवार को जिलास्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर हुआ। यहां कलेक्टर ने क्षेत्र के ग्रामीणों से मैदानी कर्मचारियों का रिपोर्ट कार्ड लिया। क्षेत्र के पटवारी, शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, हैण्डपम्प मैकेनिक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के कामकाज का ब्यौरा ग्रामीणों से लिया। सभी मैदानी कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने के निर्देश दिए। खोरखोसा, दुबे उमरगांव, चपका के पटवारियों को एक सप्ताह के भीतर यहां निवास करने के निर्देश दिए। दुबे उमरगांव में पटवारी आवास में जर्जर शौचालय की मरम्मत के निर्देश ग्राम पंचायत को दिए गए। बिना अवकाश स्वीकृति के शासकीय कार्य से अनुपस्थित रहने पर खोरखोसा क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश कृषि विभाग के उप संचालक को दिए। मैदानी कर्मचारियों के कामकाज की ग्रामीणों और प्रशंसा किए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
कलेक्टर धनंजय देवांगन ने ग्रामीणों से कहा कि, वे शासन की योजनाओं की निगरानी करें। गांव में चलने वाली छोटी सी आंगनबाड़ी में ढ़ेर सारी योजनाओं का संचालन होता है। कुपोषण मुक्ति के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र महत्वपूर्ण स्थान है और यहां गर्भवती महिला, धात्री माता, शिशु और किशोरियों की अच्छी सेहत के लिए रेडी टू ईट और गर्म भोजन की अलग-अलग योजनाएं संचालित हैं। शासन की ओर से क्षेत्र में मापदण्ड से लगभग दोगुन हैण्डपम्प होने के बावजूद मैकेनिकों की सीमित संख्या के कारण खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत में आने वाली समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र के शिक्षित और उत्साही युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता बताई। खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत करने वाले युवाओं को पंचायत के माध्यम से भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
कलेक्टर ने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उनकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान रखे जाने की आवश्यकता बताई। पालकों का कत्र्तव्य है कि, वे बच्चों की पढ़ाई के संबंध में नियमित तौर पर जानकारी लें तथा शिक्षकों की समय पर उपस्थिति पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समय पर उपस्थिति नहीं होने पर पंचायत के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगे तथा शिक्षक की ओर से जवाब नहीं दिए जाने पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी को सूचित करें। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कार्यवाही नहीं होने पर जिला कार्यालय में शिकायत करें, जिससे इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके। उन्होंने बताया कि, शासन की ओर से शिक्षा का सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसमें पालकों की ओर से शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई का ब्यौरा लिया जाएगा। पालकों की ओर से बच्चों को दिए गए शिक्षा का परीक्षण भी किया जाएगा और शिक्षक की ओर से गलत जानकारी दिए जाने की स्थिति में शिक्षक के विरुद्ध कार्यवाही की अनुशंसा भी ग्राम सभा में प्रस्ताव के माध्यम से दी जाएगी।
कलेक्टर ने उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन प्राप्त परिवार की सूची ग्राम पंचायत भवनों में चस्पा किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने क्षेत्र में संचालित खदानों के कारण जर्जर हो रहे सड़कों की मरम्मत के लिए कार्यवाही करने के निर्देश खनिज अधिकारी को दिए। उन्होंने महिला स्वसहायता समूहों की बैठक के लिए ग्राम पंचायत द्वारा सामुदायिक भवन उपलब्ध कराने के लिए पुजारीपारा में हैण्डपम्प खनन के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष शकुंतला कश्यप, जिला पंचायत सदस्य सूरज कश्यप, मनीराम कश्यप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, अनुविभागीय दण्डाधिकारी लवीना पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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