भिलाई में डेंगू अब नियंत्रण में

मौसम में बदलाव के साथ ही निगम और टाउनशिप की टीमों ने सुबह से ही एन्टी डेंगू के विरुद्ध किये जा रहे मेहनत का नतीजा है कि अब डेंगू के मरीजों में कमी आ रही है। मंगलवार को 105 नए मरीज आए जिसमें मात्र 16 डेंगू के पॉजिटिव मरीज है। 7 मरीजों के स्थिति को देखते हुए विभिन्न अस्पतालों में रिफर किया गया। मंगलवार के दिन 341डेंगू के मरीज अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती है। उक्त जानकारी जिले के कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने मंगलवार की शाम निगम आयुक्त कक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताई। अग्रवाल ने बताया कि जबसे नगर में डेंगू फैला है तबसे लेकर आज तक कुल 4094 मरीज डेंगू के उपचार के लिए भर्ती हुए थे, जिसमें 3677 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। हालांकि उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार अभी टाउनशिप की स्थिति ठीक नहीं है। वर्तमान में सबसे अधिक डेंगू के मरीज टाउनशिप से आ रहे है। इसलिए दो दिन बाद टाउनशिप के सार्वजनिक स्थलों पर निगम भी अपनी टीम लगाकर वहां दवा के छिड़काव सहित एन्टी डेंगू के लिए सभी कार्य करेगी।
सेक्टर नौ अस्पताल में 82 लोग हुए भर्ती, 30 लोग हुए डिस्चार्ज
भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 सितंबर को सेक्टर 9 हॉस्पिटल में कुल 82 डेंगू के मरीज आए। जिसमें टाउनशिप के मात्र 16 डेंगू के मरीज है। जबकि निगम क्षेत्र के 66 लोग है। इन कुल मरीजों में आज 28 मरीजों का डेंगू पोजेटिव खून जांच में पाया गया। वहीं 30 डेंगू के मरीज को उनके स्वस्थ हो जाने के बाद डिस्चार्ज किया गया। यदि सेक्टर-9 हॉस्पिटल नहीं रहता तो डेंगू से मरने वालों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई रहती है। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में मरीजों के अच्छी इलाज के कारण भी डेंगू बहुत कंट्रोल हुआ है। सभी अस्पतालों से यदि तुलना की जाये तो सबसे कम ना के बराबर डेंगू मरीजों की मौत सेक्टर 9 हॉस्पिटल में हुई है। अभी भी लोगों की पहली प्राथमिकता सेक्टर 9 अस्पताल ही है। यादव ने कहा कि फील्ड में जी जान लगाकर काम कर रहे हैं तो नगर निगम भिलाई और बीएसपी टाउनशिप पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रही है। जिसके कारण लोगों में डेंगू के प्रति जागृति भी आई है और लोग अस्पतालों की ओर रुख कर अपना उपचार करवाएं है।
डेंगू मच्छर मारने टाउनशिप में 70 जगहों पर अलाव जलाया गया। केके यादव ने बताया कि टाउनशिप में मंगलवार को 70 स्थानों पर स्थित कचरों और अन्य चीजों में डीजल सहित अन्य प्रकार के दवा डालकर अलाव जलाया गया जिससे डेंगू के ही नहीं अन्य मच्छर भी मरेंगे। बुधवार से यह अलाव पूरे टाउनशिप में 2 सौ स्थानों पर जलाया जाएगा।

Source: 
visionnewsservice.in

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