नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी की संस्कृति को बचाना होगा: मुख्यमंत्री

नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी की संस्कृति को बचाना होगा: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए हमें नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी की ग्रामीण संस्कृति को बचाना होगा। मुख्यमंत्री बघेल रविवार को अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पोंड में चंदखुरी राज के 73वें कुर्मी अधिवेशन को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी जनघोषणाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसानों का 6100 करोड़ रुपए का कृषि ऋृण माफ किया गया है साथ ही 2500 रुपए प्रति क्विंटल के मूल्य में धान खरीदा जा रहा है। अंतर की राशि किसानों के खाते में मार्च तक पहुंच जाएगा। बघेल ने कहा कि राज्य में शराबबंदी भी की जाएगी। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शराब का सेवन नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए। शराब बंदी के लिए सामाजिक जागरण और चेतना आवश्यक है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के सभी समाजों को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गरीब, किसान और मजदूर के मजबूत होने से ही छत्तीसगढ़ मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में दस-दस गौठान का कंक्रीटीकरण किया जाएगा। जहां पर मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और पानी की व्यवस्था होगी। चरवाहों को मानदेय भी दिया जाएगा। इस अवसर पर अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष शारदा वर्मा, पूर्व महापौर रायपुर किरणमयी नायक, कुर्मी समाज के केंद्रीय राज प्रधान डॉ. रामकुमार सिरमौर, समाज के सभी राजप्रधान सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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