नन्हें ट्रैफिक मित्र यदि रोकें तो रुकेगी मेरी भी गाड़ी : रमन

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आप यकीन कीजिए, ये नन्हें ट्रैफिक मित्र सुगम यातायात जारी रखने के लिए अगर नियमों के तहत कहीं मेरी भी गाड़ी को रोकें तो गाड़ी वहां रूक जाएगी। रविवार को ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कही । उन्होंने रविवार को अपने निवास में प्रतीक स्वरूप 10 बच्चों को ट्रैफिक मित्र अलंकरण से सम्मानित किया। साथ ही संगठन के रोवर्स और रेंजर्स को भी सम्मानित किया गया।
राज्य के 10 हजार से अधिक स्कूली बच्चे अब हर महीने दो दिन शहरों के चौराहों पर ट्रैफिक मित्र की भूमिका में नजर आएंगे। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा, जहां स्कूली बच्चे ट्रैफिक मित्र के रूप में पुलिस के सहयोग से यातायात नियंत्रण की कमान संभालेंगे। वे 18 अगस्त से अपना कार्य शुरू करेंगे। भारत स्काउट्स और गाइड्स संगठन में सदस्य के रूप में शामिल इन स्कूली बालक-बालिकाओं में से संगठन की 10 हजार 252 बच्चों को ट्रैफि क मित्र का नाम देकर यातायात पुलिस की मदद से ट्रैफि क कन्ट्रोल का प्रशिक्षण दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, भारत स्काउट्स और गाइड्स संगठन में बच्चों को अपने स्कूली जीवन में अनुशासन और समाज सेवा की भी प्रेरणा मिलती है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में हर दिन 35 से 40 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। कई लोग घायल होते हैं और दुर्भाग्यवश कुछ लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। ऐसे में सुगम यातायात और प्रत्येक व्यक्ति के सुरक्षित जीवन के लिए हम सबको यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। कुछ लोगों में यातायात नियमों को तोडऩे की मानसिकता होती है। हमारे स्काउट्स गाइड्स संगठन के ये बच्चे ऐसे लोगों की मानसिकता को बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुझे यकीन है कि अगर हमारे ये नन्हें बच्चे ट्रैफिक मित्र के रूप में चौराहों पर खड़े होंगे तो किसी भी व्यक्ति को यातायात नियम तोडऩे की हिम्मत नहीं होगी।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, किसी विशिष्ट व्यक्ति की गाड़ी की तुलना में किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज को इलाज के लिए ले जा रहे एम्बुलेंस को सबसे पहले रास्ता देना जरूरी होता है। पैदल चलने वाले नेत्रहीन लोगों को सड़क पार करवाने में हमारे इन ट्रैफिक मित्रों का योगदान महत्वपूर्ण होगा। यह सब पुण्य के कार्य हैं। विदेशों में तो पैदल स्कूल जा रहे बच्चों को सड़कों पर सबसे पहले रास्ता दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने भारत स्काउट्स गाइड्स की ट्रैफिक मित्र योजना की प्रशंसा की और इसके लिए संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने खुशी जताई कि छत्तीसगढ़ के स्काउट्स-गाइड्स संगठन के बच्चों ने अपने रचनात्मक कार्यों के जरिए पूरे देश में राज्य की एक बेहतर पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के निरंतर जारी कार्यकाल के 5000 दिन पूरे होने जा रहे हैं और इस उपलक्ष्य में स्काउट्स-गाइड्स संगठन के बच्चों ने प्रदेश के 5000 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां स्काउट्स गाइड्स संगठन के बच्चों की भागीदारी से ट्रैफिक मित्र योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री हमारे इस संगठन के संरक्षक हैं। मुख्यमंत्री निवास में आज 14 जिलों के बच्चे ट्रैफिक मित्र के रूप में उपस्थित हुए हैं। स्काउट्स गाइड्स संगठन के बच्चों ने प्रदेश भर में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत विभिन्न जिलों में विगत तीन वर्षों में छह लाख से ज्यादा पौधे लगाए हैं। स्वच्छ भारत मिशन में भी योगदान दे रहे हैं। बालोद जिले में गर्मियों के मौसम में पेयजल वितरण का कार्य भी इन बच्चों ने किया है। ट्रैफिक मित्र के रूप में इन बच्चों को जुलाई के महीने में जिलों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस वर्ष भारत स्काउट्स गाइड्स संगठन की विशाल जम्बूरी का आयोजन राजनांदगांव जिले में किया जाएगा।
पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय ने कहा कि, ट्रैफिक मित्र के रूप में इन बच्चों को यातायात पुलिस से पूर्ण सहयोग मिलेगा। राज्य मुख्य आयुक्त गजेन्द्र यादव ने भी समारोह को सम्बोधित किया। श्री यादव ने बताया कि भारत स्काउट्स-गाइड्स संगठन के बच्चों ने इस वर्ष 30 अप्रैल से 15 जून तक गर्मियों में प्रदेश के लगभग 614 स्थानों पर लोगों को स्वच्छ पानी पिलाने का कार्य किया है।
अलंकरण समारोह की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स प्रदेश संगठन के अध्यक्ष केदार कश्यप ने की। संगठन के राज्य मुख्य आयुक्त गजेन्द्र यादव, पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय, अपर पुलिस महानिदेशक द्वय अशोक जुनेजा तथा आर.के. विज, संचालक लोक शिक्षण एस. प्रकाश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Source: 
visionnewsservice.in

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