गरीबी इतनी कि चुनाव लड़ने समर्थकों से इकठ्ठा किया चंदा, फिर सिक्कों से भरे थैली लेकर नामांकन फार्म खरीदने पहुंचा ये प्रत्याशी

गरीबी इतनी कि चुनाव लड़ने समर्थकों से इकठ्ठा किया चंदा, फिर सिक्कों से भरे थैली लेकर नामांकन फार्म खरीदने पहुंचा ये प्रत्याशी
गरीबी इतनी कि चुनाव लड़ने समर्थकों से इकठ्ठा किया चंदा, फिर सिक्कों से भरे थैली लेकर नामांकन फार्म खरीदने पहुंचा ये प्रत्याशी

विधानसभा चुनाव के पहले चरण के 18 सीटों पर चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी होते ही बस्तर में नामांकन फॉर्म लेने का सिलसिला जारी है. एक के बाद एक प्रत्याशी नामांकन फार्म खरीद रहे है. इसी बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला. अाप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या अनोखा नजारा दिख गया. दरअसल समाजवादी पार्टी की तरफ से एक गरीब प्रत्याशी ने नामांकन फार्म खरीदने के लिए सिक्कों से भरा थैला लेकर पहुंचा. सिक्कों से भरा थैला देखकर निर्वाचन अधिकारी भी हैरान हो गए.

सिक्के गिनने में अधिकारियों के छूटे पसीने
समाजवादी पार्टी से सामान्य सीट के लिए नामांकन भर रहे नंदकुमार गुप्ता को नामांकन पत्र खरीदने के लिए 10 हजार रुपए की जरुरत थी, उनके पास उनता पैसा नहीं था कि वो नामांकन फार्म खरीद सके. इधर-उधर खूब हाथ-पैर मारा अपने समर्थकों से चंदा इकठ्ठा किया, चंदे के तौर पर उन्हें 4 हजार रुपए के सिक्के और 6 हजार रुपए के नोट मिले. इन्हीं पैसों को लेकर नंदकुमार गुप्ता जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचे. सिक्कों के अलग-अलग थैली देखकर अधिकारी दंग रह गए. फिर भी वो फार्म खरीदने के लिए पैसे दिए. अधिकारियों को सिक्के गिनने में कई घंटों का वक्त लग गया. उनके पसीने छूटने लग गए. सिक्के गिनते गिनते नामांकन का समय भी बीत गया.

4 उम्मीदवारों ने खरीदा नामांकन पत्र
इस दौरान जगदलपुर विधानसभा के सामान्य सीट से 4 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदा. बाद नामांकन फॉर्म लेने के लिए काफी खींचतान भी चलता रहा. निर्वाचन कार्यालय में भीड़ भी लग गया. इनके द्वारा सिक्के लेकर पहुंचने पर लोगों का तांता लग गया, सभी यह जानने में लग गए कि आखिरकार ये शख्स कौन है जो सिक्कों से भरे थैली लेकर नामांकन फार्म खरीदने पहुंचा है.

समर्थकों से चंदा इकठ्ठा कर खरीदने पहुंचा फार्म
इस बारे में जब प्रत्याशी नंदकुमार गुप्ता ने पूछा गया कि आपको सिक्कों से भरे थैली लेकर नामांकन फार्म खरीदने की जरुरत क्यों पड़ी. जिस पर उन्होंने कहा कि मेरे पास नामांकन फार्म भरने तक के लिए पैसे नहीं थे, मैं अपने समर्थकों से चंदा इकठ्ठा कर फार्म खरीदने के लिए उसकी फीस देने आया हूं. जिससे की नामांकन फार्म खरीदकर चुनाव लड़ा जा सके.

Source: 
lalluram.com

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