खुले आसमान के नीचे पड़ा है लाखों क्विंटल धान

खुले आसमान के नीचे पड़ा है लाखों क्विंटल धान

जिले में 5 लाख 76 क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे खरीदी केंद्रों में रखा है। आज अचानक बदली छाई और सुबह से बारिश शुरू हो गई। हालांकि हल्की बारिश हुई मगर दिन भर बदली छाई रही। ऐसे में बारिश तेज होने पर करोड़ों रुपए के धान भीगने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा किसानों का जो धान खरीदी केंद्रों तक पहुंच गया है, मगर इसकी तौल नहीं हो सकी है। उसका भी नुकसान होने की संभावना बढऩे लगी है। खरीदे गए धान के लिए कैपकव्हर का इंतजाम खरीदी केन्द्रों में नहीं है।
राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 1 नवम्बर से की जा रही है। जिले में 205 केंद्रों में धान खरीदी की जा रही है। यहां 25 हजार 989 किसानों से 11 लाख 66 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है। इनमें से 5 लाख 89 हजार क्विंटल धान का उठाव हुआ है। 5 लाख 76 हजार क्विंटल धान खरीदी केंद्रों में जाम है। आज सुबह से मौसम की रंगत बदली हुई है। सुबह हल्की बारिश भी हुई। ऐसे में बारिश होने की स्थिति में धान के भीगने का खतरा बना हुआ है। मार्कफेड की ओर से धान के रख रखाव के लिए पर्याप्त राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से खरीदी केंद्रों को दी जाती है। ताकि धान का रख रखाव सही तरीके से किया जा सके। इसके लिए कैपकव्हर खरीदने तथा खरीदी केंद्रों में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज की व्यवस्था का प्रावधान है। मगर समितियों में ऐसी व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बारिश के कारण धान का नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। कलेक्टर के बार-बार निर्देश के बाद भी धान उठाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है। शासन ने सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों को ड्रेनेज की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिये है। मगर इसके बाद भी केंद्रों में यह व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश होने पर शासन को ही नुकसान उठाना होगा। खोखरा के ग्रामीणों का कहना है कि धान का उठाव आवक के हिसाब से नहीं हो रहा है। इसके चलते केंद्रों में धान अव्यवस्थित है। लगातार आवक और तौल के कारण स्टेग लगाने में परेशानी हो रही है। नियमित उठाव होने से यह समस्या नहीं होगी।

Source: 
visionnewsservice.in

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