कुटीर उद्योग लगाकर महिलाएं कर रही कमाई

 कुटीर उद्योग लगाकर महिलाएं कर रही कमाई

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ लोगों को रोजगार के नए-नए अवसर दे रहा है। यह योजना घर-परिवार और खेती-बाड़ी तक सीमित रहने वाली अनेक महिलाओं को रोजगार के एक नए क्षेत्र व्यवसाय से जोड़ रही है। घर और खेती का काम निपटाने के बाद खाली समय में महिलाएं कुटीर उद्योगों के जरिए कमाई कर रही हैं। स्वसहायता समूह बनाकर दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बैग और झोला निर्माण कर घर की माली हालत सुधार रही हैं। ‘बिहान’ के जरिए उन्हें अपने घर और गांव में ही रोजगार मिल गया है।
00 अब मुंह नहीं ताकना पड़ता :
हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आईं राजनांदगांव जिले के तुमड़ीलेवा पंचायत की पंच तामेश्वरी साहू बताती हैं कि, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत उनके पंचायत में 30 समूह सक्रिय हैं। इनमें से 13 महिला स्वसहायता समूह आश्रित गांव परेवाडीह की हैं। पदुमतरा क्लस्टर के अंतर्गत इन स्वसहायता समूहों की महिलाएं घर पर ही दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बैग और झोला जैसे दैनिक उपयोग की चीजें बनाकर बेच रही हैं। पंच साहू कहती हैं कि, कुटीर उद्योग के जरिए यह महिलाएं न केवल अपने खाली समय का सदुपयोग कर रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रही हैं। घर की छोटी-मोटी जरूरतों के लिए अब उन्हें पुरुषों का मुंह नहीं ताकना पड़ता।

Source: 
Vision News Service

Related News