कब तक लोगों की आंखों में धूल झोंकते रहेंगे रमन और राजनाथ, नक्सली समस्या से निपटने में नाकाम रही सरकार- कांग्रेस

कब तक लोगों की आंखों में धूल झोंकते रहेंगे रमन और राजनाथ, नक्सली समस्या से निपटने में नाकाम रही सरकार- कांग्रेस

कल नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर 7 जवान शहीद हो गए. लगातार हो रहे जवानों की मौत पर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पीसीसी चीफ भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा है कि रमन सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह कब तक लोगों की आंखों में धूल झोंकते रहेंगे और उन्हें मूर्ख बनाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि नक्सली समस्या से निपटने में बुरी तरह से नाकाम साबित हुई है भाजपा सरकार. उन्होंने कहा कि वे नक्सली घटना की कड़ी निंदा करते हैं. नक्सलियों की ये कायराना हरकत है.

बस्तर के दंतेवाड़ा ज़िले में हुए नक्सली हमले में 7 जवानों की शहादत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल के नेता टी एस सिंहदेव और आक्रामक हो गये हैं. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ‘विकास यात्रा’ निकालकर जनता के पैसों पर पार्टी का चुनाव प्रचार कर रहे मुख्यमंत्री रमन सिंह जी तत्काल प्रचार यात्रा छोड़कर अपनी जिम्मेदारी निभाएं.

भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव ने कहा कि जनता ने प्रशासन चलाने और राज्य के नागरिकों के जानमाल की रक्षा के लिए क़ानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सरकार चुनी है, लेकिन मुख्यमंत्री रमन सिंह जी को अपना और अपनी पार्टी का प्रचार करने से फुर्सत ही नहीं है कि वे प्रदेश की वास्तविक समस्याओं की ओर देख सकें. उन्होंने कहा कि बस्तर में लगातार हो रहे नक्सली हमले गंभीर हैं और रमन सिंह जी को जनता के पैसों से भाजपा की प्रचार यात्रा तत्काल बंद कर देनी चाहिए.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी भी छत्तीसगढ़ में हैं, इसलिए उन्हें और मुख्यमंत्री रमन सिंह को कोरी बयानबाजी छोड़कर तत्काल बस्तर पहुंचकर नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

भाजपा बोलती है झूठ- कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता पिछले 15 वर्षों से सुन रही है कि भाजपा की सरकार नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई और निर्णायक लड़ाई लड़ने जा रही है. उन्होंने कहा है कि हर बार नक्सली हमले में जवान शहीद होते हैं और हर बार सरकार की ओर से एक जैसे बयान जारी हो जाते हैं और केवल मीडिया में प्रकाशित प्रसारित होकर बात ख़त्म हो जाती हैं.

चाहे मामला वर्ष 2010 में चिंतलनार में 76 जवानों के शहीद होने का हो, 2013 में झीरम में बड़े कांग्रेस नेताओं सहित 30 लोगों के जनसंहार का हो, अप्रैल, 2017 में 25 जवानों के शहीद होने का या फिर मार्च 2018 में नौ जवानों के जान गंवाने का, हर बार मुख्यमंत्री रमन सिंह निर्णायक या आर-पार की लड़ाई की बात करते रहे हैं, लेकिन होता कुछ नहीं है.

भूपेश बघेल और सिंहदेव ने कहा कि रमन सिंह जी सिर्फ़ दिल्ली और अमरीका जाकर झूठ बोलते हैं कि बस्तर में नक्सली समस्या ख़त्म हो रही है, लेकिन सच तो यह है कि बस्तर के बड़े हिस्से में उनकी पुलिस भी नहीं पहुंच पाती है.

नक्सल समस्या घटने के बदले बढ़ी है- कांग्रेस
पिछले कुछ बरसों में बस्तर में नक्सली समस्या ख़त्म होने की जगह बढ़ी ही है. हाल ही में केंद्र सरकार ने नक्सली प्रभावित ज़िलों की सूची जारी की, तो उसमें बस्तर के सारे ज़िले शामिल हैं. अगर सरकार ने ठीक ढंग से काम किया होता, तो बस्तर में विकास पहुंच जाता और नक्सली समस्या अपने आप हाशिए पर चली जाती, लेकिन न तो रमन सिंह ने बस्तर में विकास पहुंचाया और न नक्सली समस्या के उन्मूलन की दिशा में कोई ठोस काम किया.

उन्होंने कहा कि रमन सिंह जी को यह समझना होगा कि यह समय स्वागत में फूल मालाएं पहनने, स्वागत के नारे लगवाने और उत्सव मनाने का नहीं, सही निर्णय लेकर उसे अमल में लाने का है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल के नेता टी एस सिंहदेव ने पूछा है कि यूपीए सरकार के समय रमन सिंह जी लगातार माओवादी समस्या को राष्ट्रीय समस्या बताकर अपनी जिम्मेदारी से भागते रहे। अब 4 वर्षों से केंद्र में मोदी जी की और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह जी की सरकार है, अब राजनाथ सिंह जी और रमन सिंह जी बताएं कि

यह केंद्र की समस्या है या राज्य की समस्या और इसे हल करने की जिम्मेदारी से भाजपा की सरकारें कब तक मुंह चुराती रहेंगी ?

कांग्रेस ने सरकार से पूछा सवाल
भूपेश और सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता इस सवाल का जवाब चाहती है कि 4 साल पहले भाजपा सरकार ने कहा था कि माओवादी समस्या के हल के लिए नई रणनीति बनाई जाएगी. माओवादियों की नई रणनीतियां तो लगातार एक के बाद एक उजागर हो रही हैं, लेकिन सरकार की कोई प्रभावी रणनीति आज तक सामने नहीं आई है.

माओवादियों से लड़ रहे सुरक्षाबलों को सही साजो-सामान तक उपलब्ध कराने में भाजपा सरकार विफल रही है. इसके लिए राशि के आवंटन में भी केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव करती है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में माओवाद लगभग नहीं है, उस राज्य में साजो-सामान के लिए छत्तीसगढ़ से कई गुना अधिक राशि आवंटित की गई. साजो सामान की हालत यह है कि माओवादियों पर दागे ग्रेनेड नहीं फूटते हैं और सुरक्षाबलों की शहादत होती है. दूसरे दिन घटनास्थल में सुरक्षाबलों के द्वारा फायरिंग में मारे गए शव हटाए जाते समय यह ग्रेनेड फूट जाते हैं और तीन जवान बुरी तरीके से जख्मी हो जाते हैं.

भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने कहा कि सूचना तंत्र लगातार बुरी तरीके से विफल रहा है और इसमें सुधार लाने की जगह इस पर सरकारी खर्च को बढ़ाने और जायज ठहराने के अलावा रमन सिंह जी की सरकार ने और कुछ नहीं किया है.

रमन सिंह जी जॉइंट कमांड के प्रमुख है, लेकिन जॉइंट कमांड की बैठकें भी या तो यदाकदा या तो नहीं होती हैं. भाजपा की सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है और संवेदनशील भी नहीं है. सतही उपाय करने का दिखावा मात्र करने से माओवादी समस्या हल नहीं हो सकती है.

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Source: 
lalluram.com

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