ओडीएफ के तर्ज पर बनाए जाएंगे डिजिटल साक्षर गाँव : कलेक्टर

 ओडीएफ के तर्ज पर बनाए जाएंगे डिजिटल साक्षर गाँव : कलेक्टर

जिले में डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में सीएससी वीएलई ने कमाल किया है। इन्होंने छह महीने के भीतर जिले में 23832 लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया है। इस क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहे वीएलई और सरपंचों का कलेक्टर ने सम्मान किया। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता योजना आज के तकनीकी युग के मुताबिक लोगों को अपडेट करने की शासन की अभिनव पहल है। लोग स्मार्ट फोन के फीचर से वाकिफ हों, इसका इस्तेमाल कर सामान्य सेवाओं का लाभ स्मार्ट फोन के माध्यम से पाएं। इस उद्देश्य से लोगों को डिजिटल साक्षर किया जा रहा है। सिंह ने कहा कि 100 से अधिक सेवाएं सीएससी सेंटर के माध्यम से दिए जा रहे हैं। चाहे खसरा हो, बी.1 हो या पैन कार्ड बनाने की दरकार हो। सीएससी सेंटर के माध्यम से सभी शासकीय सेवाएं और मोबाइल रिचार्ज जैसी व्यावसायिक सेवाएं भी ली जा सकती हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसे बहुत से लोग हैं जो केवल सीएससी के माध्यम से अन्ठावन लाख रुपए तक कमा चुके हैं।
00 सीईओ ने बताये फायदे :
इस मौके पर सीईओ चंदन कुमार ने कहा कि जो लोग ग्राम पंचायतों में सीएससी सेंटर शुरू करना चाहते हैं। सरपंच उन्हें जगह दिलाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि सीएससी के माध्यम से हर जरूरी सुविधाएं मिल सकती हैं। डिजिटल साक्षरता के प्रचार से गांवों में अधिकाधिक लोग इन सुविधाओं के प्रति जागरूक हो रहे हैं। इससे लोगों के शासकीय कार्य भी बिना ब्लाक मुख्यालय की यात्रा किए बगैर हो सकेंगे। सीएससी सेंटर में गांव के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकेंगे। कार्यक्रम में ईडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया कि 368 ग्राम पंचायतों में दिशा अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से अब तक 23832 लोग डिजिटल साक्षर हो चुके हैं। कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर रेणुका श्रीवास्तव, एसडीएम अतुल विश्वकर्मा, श्रम अधिकारी अजय देशमुख सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Source: 
Vision News Service

Related News